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पंजाब ने ‘पहचान’ पोर्टल लॉन्च किया ताकि परिवारों को अनजाने और अनक्लेम्ड मृतकों का पता लगाने में मदद मिल सके।
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पंजाब ने ‘पहचान’ पोर्टल लॉन्च किया ताकि परिवारों को अनजाने और अनक्लेम्ड मृतकों का पता लगाने में मदद मिल सके।

Kamal Singh|Newsdesk7
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चंडीगढ़, 3 सितंबर, 2026: पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने राज्यव्यापी सार्वजनिक डिजिटल पोर्टल ‘Pehchaan’ लॉन्च किया है, जो सरकारी शवालयों में पाए गए अनपहचाने और बिना दावे वाले मृत व्यक्तियों की पहचान के लिए है। इस पहल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को औपचारिक रूप से लॉन्च किया।

चंडीगढ़, 3 सितंबर, 2026: पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने राज्यव्यापी सार्वजनिक डिजिटल पोर्टल ‘पहचान’ लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य सरकारी शवागारों में पाए गए अनपहचाने और बिना दावा किए गए मृत व्यक्तियों की पहचान करना है। इस पहल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को औपचारिक रूप से लॉन्च किया।

नया प्लेटफ़ॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड और फ़ोटोग्राफ़ का उपयोग करके भारत और विदेश में रहने वाले परिवारों को लापता रिश्तेदारों की खोज करने और कई बार पुलिस थानों या शवागारों का दौरा किए बिना औपचारिक पहचान प्रक्रिया शुरू करने में मदद करने का लक्ष्य रखता है।

‘पहचान’ पोर्टल क्या है?

इस पहल के तहत, पंजाब में किसी सरकारी शवागार में ले जाए गए प्रत्येक अनपहचाने या बिना दावा किए गए मृत व्यक्ति का विवरण पोस्ट‑मॉर्टेम जांच के 48 घंटे के भीतर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

इन रिकॉर्ड में चेहरे की फ़ोटोग्राफ़, टैटू और जन्म‑चिह्न जैसे स्थायी पहचान चिन्ह, विशिष्ट शारीरिक विशेषताओं की फ़ोटोग्राफ़ और विस्तृत शारीरिक विवरण शामिल होगा।

परिवार ऑनलाइन खोज सकते हैं

पोर्टल को सार्वजनिक रूप से सुलभ और पंजाब स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से निःशुल्क उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।

परिवार भारत या विदेश में कहीं से भी डेटाबेस खोज सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति मानता है कि उसने लापता रिश्तेदार की पहचान कर ली है, तो वह ऑनलाइन दावा दर्ज कर सकता है, जिसके बाद संबंधित जांच अधिकारी को स्वचालित रूप से सूचित किया जाता है ताकि औपचारिक पहचान प्रक्रिया शुरू की जा सके।

यह लापता प्रियजनों की खोज में परिवारों को कई शवागारों और पुलिस थानों का शारीरिक रूप से दौरा करने की आवश्यकता को काफी हद तक कम कर सकता है।

हर साल हजारों अनपहचाने और बिना दावा किए गए मृत्युदर

समस्या का पैमाना काफी बड़ा है।

लॉन्च के समय उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में हर साल लगभग 5,000 से 6,000
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Kamal Singh

अनुभवी पत्रकार और लेखक

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