Kamal Singh|Newsdesk7
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मुख्यमंत्री मान ने लोक मिलनी पर कांग्रेस और SAD को निशाना बनाया: “उन्होंने पंजाब को दीमक की तरह खोखला कर दिया।”
खरार, 2 सितंबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खरार, मोहाली में लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर तीखा हमला किया, दोनों पारंपरिक पार्टियों पर दशकों से “पंजाब को दीमक की तरह खोखला करने” का आरोप लगाया।
खड़र, 2 सितंबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खड़र, मोहाली में आयोजित एक लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) पर तीखा प्रहार किया, और दो पारंपरिक पार्टियों पर दशकों से “पंजाब को दीमक की तरह खोखला करने” का आरोप लगाया।
मान ने कहा कि राजनीतिक विपक्ष मुख्यतः सत्ता पुनः प्राप्त करने पर केंद्रित है, जबकि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, बिजली, पानी और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर ध्यान दे रही है।
**मान ने विपक्षी पार्टियों के खिलाफ मतदाताओं को चेतावनी दी**
सभा को संबोधित करते हुए मान ने चेतावनी दी कि विपक्ष को वोट देना, उनके अनुसार, एएपी सरकार की कई कल्याणकारी पहलों को जोखिम में डाल सकता है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने कई जन-उन्मुख उपाय लागू किए हैं और तर्क दिया कि पंजाब के लोगों को राजनीतिक पार्टियों का मूल्यांकन उनके शासन और डिलीवरी रिकॉर्ड के आधार पर करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्वयं को आम लोगों के प्रतिनिधि के रूप में भी वर्णित किया, अपने पृष्ठभूमि को पारंपरिक राजनीतिक स्थापितियों से अलग ठहराते हुए।
**एसएडी-बीजेपी समझौते की संभावना पर तीखा प्रहार**
मान ने शिरोमणि अकाली दल को इस अटकल पर भी निशाना बनाया कि वह बीजेपी के साथ संभावित राजनीतिक समझौते की सोच रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व पंजाब में सत्ता वापस पाने के लिए बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के इच्छुक है। मान ने कहा कि मतदाता ऐसे गठबंधन को अस्वीकार करेंगे, और दोनों पार्टियों पर उनके पूर्व शासनों में पंजाब को विफल करने का आरोप लगाया।
यह टिप्पणी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले की जा रही है, जिससे लोक मिलनी कार्यक्रम में राजनीतिक संदेश विशेष महत्व रखता है।
**कांग्रेस को भी मान की आलोचना का सामना**
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर पंजाब के लिए स्पष्ट दृष्टि की कमी का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के भीतर के अंतर उसे एकजुट राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने से रोक रहे हैं।
मान ने दावा किया कि जबकि विपक्षी नेता राजनीतिक अंतःसंघर्ष में लगे हैं, उनकी सरकार विकास और सार्वजनिक कल्याण पर केंद्रित है।
**सरकार के विकास दावों पर मान का प्रकाशन**
कार्यक्रम के दौरान मान ने अपनी सरकार की कई पहलों को उजागर किया, जिसमें घरों के लिए निःशुल्क बिजली, रोजगार के अवसर, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार, सड़क बुनियादी ढांचा और नहर सिंचाई का विस्तार शामिल है।
उन्होंने कहा कि नहर सिंचाई उनके कार्यकाल के बाद से काफी बढ़ी है और राज्य कृषि भूमि तक नहर पानी पहुँचाने में भारी निवेश कर रहा है।
मान ने यह भी कहा कि हजारों किलोमीटर की सड़कों का नवीनीकरण हो रहा है और नशा समस्या से निपटने के लिए खेल बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।
**2027 से पहले राजनीतिक संघर्ष तेज़**
मान के बयानों से पता चलता है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में राजनीतिक स्थिति अधिक आक्रामक हो रही है।
एएपी सरकार एक और mandato की तलाश में है और कांग्रेस, एसएडी और बीजेपी अपने-अपने पदों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं; शासन, नशा, कृषि, रोजगार और पंजाब की वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।
**मुख्य बिंदु**
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खड़र, मोहाली में एक लोक मिलनी कार्यक्रम का संचालन किया।
- उन्होंने कांग्रेस और एसएडी पर “पंजाब को दीमक की तरह खोखला करने” का आरोप लगाया।
- मान ने आरोप लगाया कि एसएडी बीजेपी के साथ नवीनीकृत समझौते की तलाश में है।
- उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी जीत से मौजूदा एएपी कल्याण योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
- मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और सिंचाई में अपनी सरकार के कार्यों को उजागर किया।
- उनके बयानों का समय 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले है।
मान ने कहा कि राजनीतिक विपक्ष मुख्यतः सत्ता पुनः प्राप्त करने पर केंद्रित है, जबकि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, बिजली, पानी और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर ध्यान दे रही है।
**मान ने विपक्षी पार्टियों के खिलाफ मतदाताओं को चेतावनी दी**
सभा को संबोधित करते हुए मान ने चेतावनी दी कि विपक्ष को वोट देना, उनके अनुसार, एएपी सरकार की कई कल्याणकारी पहलों को जोखिम में डाल सकता है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने कई जन-उन्मुख उपाय लागू किए हैं और तर्क दिया कि पंजाब के लोगों को राजनीतिक पार्टियों का मूल्यांकन उनके शासन और डिलीवरी रिकॉर्ड के आधार पर करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्वयं को आम लोगों के प्रतिनिधि के रूप में भी वर्णित किया, अपने पृष्ठभूमि को पारंपरिक राजनीतिक स्थापितियों से अलग ठहराते हुए।
**एसएडी-बीजेपी समझौते की संभावना पर तीखा प्रहार**
मान ने शिरोमणि अकाली दल को इस अटकल पर भी निशाना बनाया कि वह बीजेपी के साथ संभावित राजनीतिक समझौते की सोच रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व पंजाब में सत्ता वापस पाने के लिए बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के इच्छुक है। मान ने कहा कि मतदाता ऐसे गठबंधन को अस्वीकार करेंगे, और दोनों पार्टियों पर उनके पूर्व शासनों में पंजाब को विफल करने का आरोप लगाया।
यह टिप्पणी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले की जा रही है, जिससे लोक मिलनी कार्यक्रम में राजनीतिक संदेश विशेष महत्व रखता है।
**कांग्रेस को भी मान की आलोचना का सामना**
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर पंजाब के लिए स्पष्ट दृष्टि की कमी का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के भीतर के अंतर उसे एकजुट राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने से रोक रहे हैं।
मान ने दावा किया कि जबकि विपक्षी नेता राजनीतिक अंतःसंघर्ष में लगे हैं, उनकी सरकार विकास और सार्वजनिक कल्याण पर केंद्रित है।
**सरकार के विकास दावों पर मान का प्रकाशन**
कार्यक्रम के दौरान मान ने अपनी सरकार की कई पहलों को उजागर किया, जिसमें घरों के लिए निःशुल्क बिजली, रोजगार के अवसर, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार, सड़क बुनियादी ढांचा और नहर सिंचाई का विस्तार शामिल है।
उन्होंने कहा कि नहर सिंचाई उनके कार्यकाल के बाद से काफी बढ़ी है और राज्य कृषि भूमि तक नहर पानी पहुँचाने में भारी निवेश कर रहा है।
मान ने यह भी कहा कि हजारों किलोमीटर की सड़कों का नवीनीकरण हो रहा है और नशा समस्या से निपटने के लिए खेल बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।
**2027 से पहले राजनीतिक संघर्ष तेज़**
मान के बयानों से पता चलता है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में राजनीतिक स्थिति अधिक आक्रामक हो रही है।
एएपी सरकार एक और mandato की तलाश में है और कांग्रेस, एसएडी और बीजेपी अपने-अपने पदों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं; शासन, नशा, कृषि, रोजगार और पंजाब की वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।
**मुख्य बिंदु**
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खड़र, मोहाली में एक लोक मिलनी कार्यक्रम का संचालन किया।
- उन्होंने कांग्रेस और एसएडी पर “पंजाब को दीमक की तरह खोखला करने” का आरोप लगाया।
- मान ने आरोप लगाया कि एसएडी बीजेपी के साथ नवीनीकृत समझौते की तलाश में है।
- उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी जीत से मौजूदा एएपी कल्याण योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
- मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और सिंचाई में अपनी सरकार के कार्यों को उजागर किया।
- उनके बयानों का समय 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले है।
Kamal Singh
अनुभवी पत्रकार और लेखक
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