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मुख्य मंत्री मान की पत्नी ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजीत सिंह को ₹5 करोड़ के आरोप पर कानूनी नोटिस भेजा
चंडीगढ़, 22 अगस्त 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी, डॉ. गुरप्रीत कौर ने न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रंजीत सिंह को एक कानूनी नोटिस जारी किया है, जिसमें यह आरोप है कि उन्होंने एक मामले के संबंध में ₹5 करोड़ की किकबैक की माँग की थी।
चंडीगढ़, 22 अगस्त 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी, डॉ. गुरप्रीत कौर ने न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रंजीत सिंह को एक कानूनी नोटिस जारी किया है, जिसमें यह आरोप है कि उन्होंने एक मामले के संबंध में ₹5 करोड़ की किकबैक की मांग की थी। इस विकास ने पंजाब में एक नई राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, कानूनी नोटिस में आरोपों को झूठा और निराधार बताया गया है और सेवानिवृत्त न्यायाधीश से 24 घंटे के भीतर माफी देने को कहा गया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में माफी नहीं दी गई तो मानहानि की कार्रवाई की जा सकती है।
रंजीत सिंह कौन हैं?
न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रंजीत सिंह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। रिपोर्टें यह भी बताती हैं कि वे कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के जीजा हैं, जिससे इस विवाद में एक राजनीतिक आयाम जुड़ जाता है।
विवाद किस बारे में है?
विवाद का केंद्र यह आरोप है कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने ₹5 करोड़ की किकबैक की मांग की थी। इस आरोप को उनके पक्ष में जारी किए गए कानूनी नोटिस के माध्यम से दृढ़ता से खारिज किया गया है।
नोटिस में अनशर्त माफी और आरोपों को वापस लेने की मांग की गई है, और यदि यह नहीं किया गया तो आरोपित मानहानि के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह विकास पंजाब में लगातार चल रहे राजनीतिक असहमति के बीच आया है, जहाँ नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते रहते हैं।
कानूनी नोटिस कोर्ट का फ़ैसला नहीं है
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कानूनी नोटिस जारी करने से किसी आरोप की सत्यता या असत्यता स्थापित नहीं होती। किसी भी विवादित दावे का अंततः उचित कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के माध्यम से मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
न्यूज़ डेस्क 7 इस मामले को ट्रैक करता रहेगा और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएँ उपलब्ध होते ही प्रकाशित करेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, कानूनी नोटिस में आरोपों को झूठा और निराधार बताया गया है और सेवानिवृत्त न्यायाधीश से 24 घंटे के भीतर माफी देने को कहा गया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में माफी नहीं दी गई तो मानहानि की कार्रवाई की जा सकती है।
रंजीत सिंह कौन हैं?
न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) रंजीत सिंह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। रिपोर्टें यह भी बताती हैं कि वे कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के जीजा हैं, जिससे इस विवाद में एक राजनीतिक आयाम जुड़ जाता है।
विवाद किस बारे में है?
विवाद का केंद्र यह आरोप है कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने ₹5 करोड़ की किकबैक की मांग की थी। इस आरोप को उनके पक्ष में जारी किए गए कानूनी नोटिस के माध्यम से दृढ़ता से खारिज किया गया है।
नोटिस में अनशर्त माफी और आरोपों को वापस लेने की मांग की गई है, और यदि यह नहीं किया गया तो आरोपित मानहानि के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह विकास पंजाब में लगातार चल रहे राजनीतिक असहमति के बीच आया है, जहाँ नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते रहते हैं।
कानूनी नोटिस कोर्ट का फ़ैसला नहीं है
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कानूनी नोटिस जारी करने से किसी आरोप की सत्यता या असत्यता स्थापित नहीं होती। किसी भी विवादित दावे का अंततः उचित कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के माध्यम से मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
न्यूज़ डेस्क 7 इस मामले को ट्रैक करता रहेगा और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएँ उपलब्ध होते ही प्रकाशित करेगा।
Kamal Singh
अनुभवी पत्रकार और लेखक
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