चंडीगढ़, 30 अगस्त, 2026: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बडाल ने पंजाब सरकार के कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन के बीच उनका समर्थन बढ़ाया, उन्हें एकजुट रहने और सामूहिक रूप से अपनी चिंताओं को उठाने का आह्वान किया।

बडाल ने कर्मचारियों से SAD ध्वज के तले एकजुट होने का अनुरोध किया, जबकि कर्मचारियों की लंबी अवधि से लंबित मांगों के निपटारे को लेकर पंजाब सरकार की आलोचना की।

**बडाल ने कर्मचारियों को समर्थन दिया**

SAD के प्रमुख ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की वैध चिंताएँ हैं जिन्हें टकराव के बजाय सार्थक संवाद के माध्यम से निपटाया जाना चाहिए।

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उनका यह बयान कर्मचारी संगठनों और पंजाब सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जो हालिया राज्यव्यापी महा हरताल और एक और चरण के आंदोलन की घोषणा के बाद उत्पन्न हुआ है।

कर्मचारी यूनियनों ने देयता भत्ता (DA) बकाया, पेंशन संबंधी मुद्दे और अन्य सेवा-सम्बंधी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है।

**एकता का आह्वान**

बडाल ने कर्मचारियों से एकता बनाए रखने और अपने अधिकारों के लिए सामूहिक रूप से लड़ने का आग्रह किया।

उन्होंने उन्हें SAD बैनर के तले एकत्रित होकर अपनी आवाज़ को सुदृढ़ करने के लिए कहा, जिससे पार्टी को पंजाब के कर्मचारियों, किसानों और समाज के अन्य वर्गों के हितों का ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व करने वाले मंच के रूप में पेश किया जा सके।

**नई कर्मचारी आंदोलन**

यह विकास पंजाब सरकार के कर्मचारी संगठनों के एक और चरण के विरोध की तैयारियों के साथ आया है।

यूनियनों ने जिला स्तर पर बैठकों और ‘कर्मचारी सभा’ की योजना की घोषणा की है, साथ ही यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो एक नया महा हड़ताल का इशारा किया है।

कर्मचारी-सरकार टकराव ने पहले ही राज्य के कई हिस्सों में सरकारी कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है।

**DA बकाया प्रमुख मुद्दा बना हुआ है**

मुख्य विवाद बिंदुओं में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बकाया देयता भत्ता (DA) और देयरनेस रिलीफ़ (DR) का भुगतान शामिल है।

यह मुद्दा अदालतों तक पहुंच चुका है, जहाँ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को लागू दरों के अनुसार बकाया DA/DR किस्तें जारी करने का निर्देश दिया है।

पंजाब सरकार इस मामले में अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।

**SAD राजनीतिक स्थान की तलाश में**

बडाल की हस्तक्षेप SAD को 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले सरकारी कर्मचारियों के बीच अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने का अवसर देता है।

कर्मचारी संगठनों का पंजाब की कार्यशक्ति और पेंशनभोगियों में बड़ा हिस्सा है, जिससे उनकी मांगें धीरे-धीरे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन रही हैं।

SAD ने पंजाब में AAP सरकार और कांग्रेस दोनों के विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश की है।

**सरकार-कर्मचारी टकराव जारी**

पंजाब सरकार ने कहा है कि कर्मचारी मुद्दों को संवाद के माध्यम से हल किया जाना चाहिए और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को बाधित करने वाली हड़तालों का विरोध किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले कहा था कि संवाद और हड़तालें साथ-साथ नहीं चल सकतीं, जबकि कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि उनकी शिकायतों के समाधान के लिए सार्थक वार्ता आवश्यक है।

बडाल का नवीनतम बयान संभवतः चल रहे टकराव में एक और राजनीतिक आयाम जोड़ देगा।

**मुख्य बिंदु**

- सुखबीर सिंह बडाल ने पंजाब सरकार के कर्मचारियों के आंदोलन के बीच उनका समर्थन किया।
- उन्होंने SAD ध्वज के तले एकता का आह्वान किया।
- कर्मचारी संगठनों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए दबाव बनाये रखा है।
- DA/DR बकाया प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
- यूनियनों ने कर्मचारी सभा और महा हड़ताल की योजना की घोषणा की है।
- यह विवाद 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले आया है।
- SAD कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच अपनी राजनीतिक समर्थन को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।