मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारत ने जापान को 4-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने पास बरकरार रखा है। इस ऐतिहासिक विजय और टूर्नामेंट के कामयाब आयोजन के पश्चात पंजाब के मुख्यमंत्री भगव

सीएम मान ने कहा कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की कामयाब मेजबानी से पंजाब ने अपने खेल इतिहास में नवीन अध्याय लिखा है और राज्य अब 2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी हेतु पूरी तरह तैयार है।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस सफल कार्यक्रम पर राज्यवासियों को बधाई दी।

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फाइनल में जापान को 4-1 से भारत ने जीत की हासिल

फाइनल मुकाबले में भारत ने जापान पर 4-1 से एकतरफा विजय दर्ज की। वहीं तीसरे स्थान के मुकाबले में मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को हराया। सीएम मान ने विजेता भारतीय टीम के खिलाड़ियों को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया।

अपने करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे भारतीय स्टार खिलाड़ी हार्दिक सिंह को राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विशेष जर्सी भेंट कर सम्मानित किया। स्टेडियम में मुकाबला के साथ-साथ पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के दर्शन हुए। रंगारंग सांस्कृतिक शो, गतका और भांगड़ा की धमाकेदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल विजय लिया।

हॉकी और पंजाब का अटूट रिश्ता- CM मान

सीएम भगवंत मान ने बताया कि पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करना पंजाब की खेल यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह आयोजन दर्शाता है कि पंजाब बड़े वैश्विक खेल आयोजनों हेतु पूरी प्रकार सक्षम है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने हेतु 1,744 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है। सरकार के कार्यकाल में 6 नवीन एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार हो चुके हैं, 2 पर काम जारी है और ग्रासरूट स्तर पर 18 सिक्स-ए-साइड एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पंजाब ने 1928 एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर पेरिस ओलंपिक 2024 तक देश को 77 हॉकी ओलंपियन और 48 ओलंपिक पदक विजेता दिए हैं।

पंजाबी खिलाड़ियों ने 10 बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की है।हालिया पेरिस-2024 और टोक्यो-2020 में भी पंजाब का दबदबा रहा, जहां टीम की कमान क्रमशः हरमनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह के हाथों में थी।

सीएम मान ने जालंधर के संसारपुर, खुसरोपुर और मिठापुर का जिक्र करते हुए बताया कि इन गांवों ने राष्ट्र को 20 से ज्यादा ओलंपियन दिए हैं। सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में फिलहाल 130 से ज्यादा खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं।

आर्थिक अवसर और खेल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से न केवल युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि खेल पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री को भी भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रदेश में नवीन आर्थिक अवसर पैदा होंगे।

समापन समारोह में हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ, मुख्य सचिव वरुण रूजम और हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। हॉकी इंडिया ने पंजाब सरकार के प्रबंधन की जमकर तारीफ की।

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