पंजाबी महिला चिकित्सक शिवानी की इंग्लैंड में घर में आग लगने से जान चली गई। घर से धुआं निकलता देखकर पड़ोसियों ने आपातकालीन सेवाओं को जानकारी दी। इसके बाद फायर और रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पति-पत्नी को बाहर निकाला।

आपातकालीन चिकित्सा मदद के बाद भी डॉ. शिवानी को बचाया नहीं जा सका। उनके पति दिलावर कटारिया भी आग लगने से गंभीर घायल हो गए। वह बर्मिंघम के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में कोमा में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।

दूसरी तरफ, मायके और ससुराल पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। मायके पक्ष ने घरेलू हिंसा और साजिश की आशंका जताई है। वहीं ससुराल पक्ष इसे शॉर्ट-सर्किट से हुआ हादसा बता रहा है।

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3 पॉइंट में पढ़ें क्या बोले लड़की के पिता…

  • 2023 में हुई थी शादी: डॉ. शिवानी की शादी साल 2023 में फगवाड़ा के निकट खट्टी ग्राम में रहने वाले दिलावर कटारिया के साथ हुई थी। वह इंग्लैंड में पति के साथ रहती थीं। डॉ. शिवानी के पिता डॉ. केके वर्मा ने बेटी की मृत्यु को सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है।
  • घरेलू हिंसा के आरोप: पिता का इल्जाम है कि बेटी और दामाद के करियर के सिलसिले में इंग्लैंड जाने के पश्चात से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने ससुराल पक्ष पर लगातार बढ़ती मांगों और घरेलू हिंसा के आरोप भी लगाए हैं।
  • ब्रिटेन के हाई कमीशन से हस्तक्षेप की अपील: पिता ने मामले की निष्पक्ष और गहन आपराधिक पड़ताल की मांग की है। उन्होंने भारत के विदेश मंत्रालय और ब्रिटेन के हाई कमीशन से भी हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सके।

ससुराल पक्ष ने आरोपों को किया खारिज दूसरी तरफ, ससुराल पक्ष ने लड़की के पिता के आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पति-पत्नी के बीच संबंध अच्छे और सहयोगपूर्ण थे। किसी प्रकार की प्रताड़ना या वैवाहिक विवाद नहीं था। ससुराल पक्ष के मुताबिक, घर में बिजली की खराबी, खराब रूम हीटर या बिजली के तारों में शॉर्ट-सर्किट की वजह से आग लगी हो सकती है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा कहा है।

कानूनी प्रक्रिया की वजह से शव भारत लाने में देरी इस घटना के पश्चात डॉ. शिवानी के परिवार को उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार है। ब्रिटेन में मृत्यु की परिस्थितियां अस्पष्ट या संदिग्ध होने पर कोरोनर की औपचारिक पड़ताल व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसी कानूनी प्रक्रिया के चलते शव को अंतिम संस्कार हेतु फगवाड़ा लाने में देरी हो रही है।

फोरेंसिक पड़ताल से खुलेगा आग लगने का राज इंग्लैंड में पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने के कारणों की छानबीन कर रहे हैं। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, घर की बिजली की वायरिंग और इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की हालत की पड़ताल की जा रही है। आग किस वजह से लगी और इसके पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण, इसका पता पड़ताल रिपोर्ट आने के पश्चात ही चलेगा।

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Source: Dianik Bhaskar