जालंधर के गोराया इलाके के गांव ढेसियां ​​काह्न के 17 वर्षीय युवक हरमनवीर सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक जान चली गई। अपने ग्राम लौटते वक्त उसकी मोटरसाइकिल सड़क पर बिना किसी संकेतक या लाइट के रखे सीवर पाइपों से टकरा गई। गंभीर रूप से घायल युवक ने लुधियाना

प्राप्त प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांव निवासी ओंकार सिंह का 17 वर्षीय बेटा हरमनवीर सिंह ट्यूशन पढ कर अपनी मोटरसाइकिल (PB 09 AB 1438 / P.B. 1438 N.) पर सवार होकर गोराया से अपने गांव वापस लौट रहा था।

जब हरमनवीर ग्राम संग ढेसियां के पास पहुंचा, तो रास्ते में सड़क के बीचों-बीच सीवर के पाइप रखे हुए थे। रात या अंधेरे के वक्त सड़क पर रखे इन बड़े पाइपों का अंदाजा न लगने की वजह से हरमनवीर की मोटरसाइकिल सीधे उनसे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। लुधियाना के अस्पताल में हुई मौत

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हादसे के फौरन पश्चात राहगीरों और स्थानीय लोगों की सहायता से उसे उपचार हेतु एक नजदीकी प्राइवेट चिकित्सालय ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को बेहद गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के पश्चात लुधियाना के बड़े चिकित्सालय हेतु रेफर कर दिया। हालांकि, लुधियाना में उपचार के बीच हरमनवीर ने जिंदगी की जंग पराजय गया और उसकी जान चली गई।

इस घटना के पश्चात पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के हलका इंचार्ज भाई दविंदर सिंह खालसा ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह इतनी दुखद घटना है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

दविंदर सिंह खालसा ने प्रशासन और ठेकेदारों की नाकामी पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि ठेकेदार की लापरवाही की कीमत एक मासूम युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। उन्होंने बताया कि सड़क पर रखे सीवर पाइपों पर न तो कोई रिफ्लेक्टर स्टिकर लगाया गया था और न ही वहां कोई चेतावनी लाइट लगाई गई थी।

उन्होंने सख्त लहजे में बताया कि सड़क के बीच में बिना सुरक्षा इंतजामों के इस तरह पाइप छोड़ देना बहुत बड़ी लापरवाही है। उन्होंने मांग की कि इस हादसे के जिम्मेदारों और संबंधित महकमा या ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या या मर्डर का केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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