कांग्रेस भवन में हुए हंगामे और विवाद के पश्चात कांग्रेस नेता ब्रिंदर सिंह ढिल्लों शनिवार को गुरुद्वारा श्री कतलगढ़ साहिब पहुंचे। उन्होंने वहां माथा टेककर अरदास की और खुद पर लगे आरोपों पर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के अंदरूनी मामल

'विवाद हुआ, किंतु धमकी और जातिसूचक आरोपों से इंकार'

ढिल्लों ने माना कि कांग्रेस भवन में उनके और पार्टी नेता रणजीत सिंह तरखाण माजरा के बीच विवाद और झड़प हुई थी। हालांकि, उन्होंने जातिसूचक शब्द बोलने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दो व्यक्तियों के बीच हुए आपसी विवाद को जातिगत और राजनीतिक रंग देना पूरी प्रकार गलत है।

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'गुरु घर की कोर्ट सबसे बड़ी'

ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने गुरु महाराज के समक्ष अरदास की है कि यदि उन्होंने किसी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया हो या धमकी दी हो, तो उन्हें गुरु दरबार में सजा मिले। उनके लिए गुरु घर की कोर्ट सबसे बड़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर उनकी किसी बात से किसी का दिल दुखा है, तो वे माफी मांगने और गले मिलने को तैयार हैं। तरखाण माजरा उम्र में बड़े हैं और वे उनका सम्मान करते हैं।

बसपा नेता जसवीर सिंह गढ़ी पर बोला आक्रमण ढिल्लों ने बसपा नेता जसवीर सिंह गढ़ी पर राजनीतिक फायदा लेने का इल्जाम लगाते हुए कहा कि कुछ लोग दलित समाज के नाम पर अपनी राजनीति चमका रहे हैं। यदि गढ़ी को सच में दलित समाज की चिंता है, तो उन्हें समाज पर होने वाले असल अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। दलित समाज किसी एक नेता की जागीर नहीं है।

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