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- Punjab AAP MLA Ticket Controversy | Kejriwal Sisodia Delhi Meet List
पंजाब में विधानसभा चुनाव हेतु आम आदमी पार्टी 40 विधायकों के पश्चात जल्द ही उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी करने वाली है। इससे पहले पंजाब के विधायकों व नेताओं ने दिल्ली के चक्कर लगाने प्रारंभ कर दिए हैं।
टिकट के दावेदार नेताओं और जिन विधायकों को अभी टिकट नहीं मिली है, वे लगातार पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया व पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मिल रहे हैं।
दरअसल, आम आदमी पार्टी में चर्चा है कि पार्टी के नॉन-परफॉर्मर 40% विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। ऐसे में विधायकों को टिकट कटने का डर है, तो वहीं नए चेहरों को टिकट मिलने की आस बंधी है।
जो भी विधायक या नेता दिल्ली मिलकर आ रहा है वो अपनी फोटो सोशल मीडिया पर जरूर शेयर कर रहा है, ताकि टिकट की दावेदारी ठोकने वाले दूसरे नेताओं को मैसेज दे सके।
दिल्ली जाकर हाईकमान से मिलने के क्या मायने, एक्सपर्ट से जानिए...
- विधायकों में टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि आम आदमी पार्टी में 40 प्रतिशत विधायकों के टिकट काटने की बात चल रही है। पार्टी ने इसके लिए एक सर्वे किया है। सर्वे में जिनकी परफॉरमेंस अच्छी नहीं है, उनके टिकट कट सकते हैं। उनका कहना है कि दीपावली के पश्चात पार्टी कभी भी उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर सकती है। ऐसे में विधायकों को डर है कि कहीं उनका टिकट न कट जाए, इस कारण वे इन दिनों दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं।
- सेकेंड लाइन नेताओं को टिकट मिलने की अपेक्षा: पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट वैवस्वत वेंकट का कहना है कि जिन हलकों में अभी टिकटों की घोषणा नहीं हुई है, उन हलकों में पार्टी की सेकेंड लाइन के नेताओं को अपेक्षा है कि विधायकों के टिकट कटकर उन्हें सीट मिल जाएगी। उनका कहना है कि टिकट मिलने की आशा में नेता दिवाली ग्रीटिंग्स के बहाने दिल्ली में केजरीवाल व सिसोदिया से मिल रहे हैं।
- आप करती रही है एक्सपेरिमेंट: पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि आम आदमी पार्टी चुनाव जीतने हेतु मौजूदा विधायकों के टिकट काटती रही है। 2020 के दिल्ली विधानसभा निर्वाचन में पार्टी ने 61 में से 15 विधायकों के टिकट काट दिए थे, जबकि 2025 में 58 में से 20 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए थे। पार्टी यही प्रयोग अब पंजाब में भी करना चाहती है। अगर पार्टी ने 40 प्रतिशत टिकट बदले, तो करीब 35 से 37 विधायकों के टिकट कट सकते हैं।
- एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर कम करने की कवायद: पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि कई विधायकों को लेकर पंजाब में इस समय लोगों में नाराजगी है। ऐसे में निर्वाचन के वक्त अगर पार्टी ने इन्हीं को टिकट दी, तो उन्हें एंटी-इनकंबेंसी का नुकसान झेलना पड़ सकता है। पार्टी के सर्वे में जिन विधायकों की परफॉरमेंस ज्यादा खराब आई है, पार्टी उनके टिकट काटकर एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर को कम कर सकती है।
- घोषित उम्मीदवारों में भी डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट वैवस्वत वेंकट का कहना है कि जिन उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है उनमें भी डर है कि कहीं पार्टी ऐन घटनास्थल पर उनकी जगह किसी और टिकट न दे दे। अतः वो भी लगातार हाईकमान से संपर्क साध रहे हैं और इन दिनों दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं।
फील्ड में एक्टिव मोड पर आ गए विधायक पहली लिस्ट जारी होने के पश्चात मौजूदा विधायक फील्ड में एक्टिव नजर आने लगे हैं। विधायक दन दिनों दूसरे दलों के लोगों को आम आदमी पार्टी में शामिल करवा रहे हैं ताकि हाईकमान पर उनका प्रभाव बना रहे।
यही नहीं जब राहुल गांधी ने संगरूर रैली में भगवंत मान पर तीखे हमले किए तो विधायकों ने सोशल मीडिया पर उसका डटकर विरोध किया।
इसके अतिरिक्त मोगा की विधायक डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा पर ईडी रेड के पश्चात भी उनके पक्ष में विधायक खुलकर सामने आए। ऐसा करके विधायक हाईकमान को दिखाना चाहते हैं कि वो पार्टी के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं।
AAP की पहली लिस्ट में समस्त मौजूदा विधायकों को टिकट दी गई थी







