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- Pathankot Madhopur Bridge Repair | Traffic Resumes After Video Goes Viral
पठानकोट के माधोपुर को नेश्नल हाइवे को जोड़ते पुल के धंसने की खबरें प्रकाशित होने के पश्चात नहरी विभाग ने लीपापोती कर पुल को आवाजाही हेतु खोल दिया है। रिपेयर के नाम पर बजरी डाली गई और वाहनों हेतु इस पुल को खोल दिया गया। हालांकि, अफसरों का कहना है
बता दें, पठानकोट में बीते वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ के बीच तेज बहाव की वजह से माधोपुर पुल के पास बना पार्क पूरी प्रकार बह गया था और जिसे के अनेक स्थानों पर इमारतों और खेती लायक भूमि को भारी नुकसान पहुंचा था। अब उसी पार्क वाली जगह के पास गुजरती सड़क जोकि, दो पुलों को आपस में जोड़ती है, धंस गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के पश्चात स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी प्रकार बंद कर दी गई थी। जिसे अब रिपेयर के नाम पर खानापूर्ति कर खोल दिया गया।
अस्थायी लीपापोती: बजरी डालकर दोबारा बहाल किया यातायात
आवाजाही बंद करने के पश्चात विभाग द्वारा पुल के प्रभावित और धंस रहे हिस्से पर सिर्फ बजरी (क्रशर/गिट्टी) डालकर यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया। मौके से सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किसी स्थायी तकनीकी समाधान के बिना ही बजरी डालकर मार्ग को चला दिया गया है।
वहीं, इसी पुल से भारी वाहनों की आवाजाही शुरु कर दी गई। जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों के मन में गहरा डर बना हुआ है कि यदि वक्त रहते पुल की सही और मजबूत मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
विभाग की सफाई: जल्द करवाई जाएगी स्थायी मरम्मत
जब इस पूरे प्रकरण को लेकर संबंधित महकमा के एसडीओ राजीव कुमार से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल हालत को देखते हुए बजरी डालकर अस्थायी तौर पर आवाजाही आरंभ करवाई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महकमा द्वारा जल्द ही पुल की तकनीकी जांच करवाकर इसकी स्थायी और उचित मरम्मत करवाई जाएगी, ताकि पुल को पूरी प्रकार सुरक्षित बनाया जा सके।
बड़ा प्रश्न: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
प्रशासनिक रवैये से स्थानीय लोगों में काफी रोष है। लोगों का सबसे बड़ा सवाल है कि जब पुल की सुरक्षा खतरे में होने के कारण आवाजाही बंद करनी पड़ी थी, तो मात्र बजरी जैसी अस्थायी लीपापोती के सहारे भारी वाहनों और यातायात को दोबारा शुरू करना कितना सही है? स्थानीय निवासी रोहन, दीपक ठाकुर और शम्मी संबियाल का कहना है कि विभाग स्थायी मरम्मत पूरी होने तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेगा या फिर किसी अप्रिय घटना और बड़े हादसे के पश्चात ही नींद से जागेगा?
स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार और पीडब्ल्यूडी महकमा के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम से पुल की तकनीकी जांच करवाकर जल्द से शीघ्र इसका स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।







