- Hindi News
- Local
- Punjab
- Pathankot
- Pathankot Madhopur Historic Bridge Collapse | Irrigation Department Negligence
माधोपुर में यूबीडीसी (अपरबारी दोआब कैनाल) नहर के ऊपर बना आजादी से पहले का ऐतिहासिक पुल भारी वाहनों के बोझ तले धंसने लगा है। हैरानी की बात यह है कि सिंचाई महकमा ने अभी कुछ माह पहले ही इस पुल की मरम्मत करवाई थी, परंतु इसके बावजूद पुल का बीच वाला हिस्सा
अंग्रेजों के जमाने का है पुल, अवैध रूप से गुजर रहे भारी टिप्पर
गौरतलब है कि यह पुल अंग्रेजों के शासनकाल में बनाया गया था और सदियों पुराना है। इस ऐतिहासिक पुल से रोजाना रेत-बजरी से भरे भारी टिप्पर और अन्य बड़े वाहन गुजर रहे हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही की वजह से पुल की नींव पूरी प्रकार कमजोर हो चुकी है। जबकि, कागजों में प्रशासन ने इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई हुई है, लेकिन इसके बावजूद रोजाना दर्जनों भारी टिप्पर बेखौफ होकर इसी पुल से गुजर रहे हैं। रात के अंधेरे में भी टिप्परों की आवाजाही लगातार जारी रहती है। पुल पर न तो कोई स्थायी नाकाबंदी की गई है और न ही वाहनों के वजन की सख्ती से पड़ताल की जा रही है।
प्रशासन ने नजरअंदाज कीं चेतावनियां: एडवोकेट अमरजीत सिंह
एडवोकेट अमरजीत सिंह का कहना है कि इस रिश्ते में प्रशासन को अनेक बार आगाह किया जा चुका है कि यह पुल सदियों पुराना है और इस पर भारी वाहनों की आवाजाही किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने कई बार प्रशासन से भारी वाहनों को पुल से गुजरने से रोकने की मांग की, किंतु प्रशासन ने हर बार उनकी चेतावनी को अनसुना कर दिया। इसका नतीजा आज सबके सामने है।
पुल का बीच वाला हिस्सा धंस चुका है और दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस पुल से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, महिलाएं, किसान, दूध और सब्जी विक्रेता तथा दोपहिया वाहन चालक शामिल हैं। पुल के ठीक नीचे यूबीडीसी नहर बहती है।
महकमा के कामकाज पर उठे गंभीर प्रश्न
स्थानीय लोगों ने बताया कि माधोपुर हेड वर्क्स पर सिंचाई विभाग की ओर से एक वर्ष के दौरान करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें यह पुल भी शामिल था। इसके बावजूद पुल का धंस जाना विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि सिंचाई महकमा के अफसरों की लापरवाही के कारण ही पुल की यह हालत हुई है, क्योंकि पुल की मरम्मत हुए अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ और यह दोबारा खराब हो गया है।







