वित्तमंत्री हरपाल सिंह से मीटिंग करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य महकमा में काम कर रहे कच्चे मुलाजिम

पंजाब के स्वास्थ्य महकमा में काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों की इस बार दिवाली काली रहेगी। लंबे वक्त से सेवाएं देने के बाद भी कर्मियों को नियमित नहीं करने और महकमा की ओर से दिवाली बोनस बंद किए जाने से नाराज आउटसोर्स स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी यूनियन पंजा

बिल-2026 में शामिल कर नियमित करने की मांग यूनियन ने सरकार से मांग की है कि स्वास्थ्य महकमा में लंबे वक्त से काम कर रहे विभिन्न श्रेणियों ए, बी, सी और डी के आउटसोर्स और डेली वेजेज कर्मचारियों को नियमित किया जाए। इनमें विभिन्न कंपनियों, केंद्रीय योजनाओं और स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से तैनात कर्मचारी शामिल हैं। यूनियन ने DDRS, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM), पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन (PHSC) और स्टेट हेल्थ एजेंसी के कर्मियों को बिल-2026 में शामिल कर महकमा के अधीन लाने की मांग की है।

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यूनियन के पदाधिकारी बलजिंदर सिंह , जगतार सिंह,गुरदास सिंह नाजर सिंह ने बताया कि समान काम-समान वेतन का फार्मूला लागू करने, बिल-2026 में कच्चे कर्मियों का वेतन निर्धारित करने और पांच वर्ष की सेवा की शर्त हटाकर समस्त कर्मियों को इसका फायदा देने की मांग उठाई गई है। यूनियन ने मुख्यालय स्तर पर लंबित कर्मियों की मंजूरियां जारी करने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बंद किए गए दिवाली बोनस को दोबारा बहाल करने की भी मांग की है। यूनियन नेताओं ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को उनके बनते अधिकार दिए जाएं और उनकी सेवाएं सुरक्षित की जाएं। कर्मियों की अन्य मांगों का भी जल्द समाधान किया जाए। मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में ही यूनियन ने इस बार काली दिवाली मनाने का फैसला लिया है।

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Source: Dianik Bhaskar