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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान से जुड़े पंजाब सरकार के 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026' को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब की विशेषज्ञ कमेटी ने बड़ा निर्णय लिया है। कमेटी ने पंजाब सरकार से बताया है कि इस एक्ट के अमल पर पूरी तरह र
इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कानूनी विशेषज्ञों और सिख विद्वानों की कमेटी की महत्वपूर्ण मीटिंग शनिवार को श्री आनंदपुर साहिब में हुई। बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, रिटायर्ड जस्टिस रूपिंदर सिंह सोढ़ी, रिटायर्ड जस्टिस मोहिंदर मोहन सिंह बेदी, सीनियर एडवोकेट पूर्ण सिंह हुंदल, सिख विद्वान डॉ. केहर सिंह और प्रो. जगमोहन सिंह शामिल हुए।
दरअसल, 23 अक्टूबर 2026 को पंजाब सरकार की ओर से इस कानून को लेकर बनाई गई तालमेल कमेटी के नोडल अफसर ने श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को पत्र लिखकर विशेषज्ञ कमेटी के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई थी। इसके पश्चात सचिवालय ने यह जानकारी कमेटी के कोऑर्डिनेटर को भेजी थी। इसी मामले पर शनिवार को मीटिंग बुलाई गई।
सरकार से 29 जून के आदेशों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी
बैठक में विचार-विमर्श के पश्चात कमेटी ने स्पष्ट किया कि बातचीत आगे बढ़ाने से पहले सरकार संशोधन एक्ट के अमल पर पूरी प्रकार रोक लगाए और 29 जून के आदेशों के पालन की रिपोर्ट पेश करे।
7 अगस्त को भी कमेटी ने सरकार से उत्तर मांगा था।
कमेटी सदस्यों ने बताया कि इससे पहले 7 अगस्त 2026 को भी प्रेस बयान जारी कर सरकार से आदेशों की पालन रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अब तक सरकार ने रिपोर्ट नहीं दी। कमेटी ने कहा कि जब तक श्री अकाल तख्त साहिब की इस कानून पर सहमति नहीं बनती, तब तक इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।
कमेटी ने यह भी कहा कि 8 मई को विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और 29 जून को पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्रियों व विधायकों को दिए गए आदेशों के बाद भी सरकार ने संशोधन एक्ट में श्री अकाल तख्त साहिब की भावनाओं के मुताबिक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कमेटी के अनुसार, सरकार की गंभीरता इसी बात से साबित होगी कि वह पहले कानून के अमल पर पूरी तरह रोक लगाए।







