राजिंदर पाहड़ा | अमृतसर प्रतिभा किसी बड़े स्कूल या महंगी लैब की मोहताज नहीं होती। सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल भंगाली के विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों में 2 ऐसे तकनीकी प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, जो किसी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोजेक्ट से कम नहीं हैं।

विद्यार्थियों ने वाई-फाई से चलने वाली रोबो कार और फेस रिकग्निशन अटेंडेंस मशीन बनाई है। अब इन दोनों प्रोजेक्ट को 18 नवंबर को मैरीटोरियस स्कूल में होने वाले जिला स्तरीय डिजिटल इनोवेशन टेक फेयर में प्रदर्शित किया जाएगा। स्कूल में इन दिनों टेक फेयर की तैयारियां चल रही हैं।

टीचर बच्चों के प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में सहायता कर रहे हैं। खास बात यह है कि ये दोनों मॉडल किसी आधुनिक लैब में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूल की कक्षा में तैयार किए गए हैं। स्कूल इंचार्ज राजबीर कौर ने बताया कि बच्चों में तकनीक को लेकर काफी उत्साह है। टीचरों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत से ये प्रोजेक्ट तैयार हुए हैं।

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सही मंच मिलने पर यही बच्चे भविष्य में बड़े इनोवेटर बन सकते हैं। शिक्षा विभाग मुहिम ‘मिशन रफ्तार’ के तहत ‘डिजिटल इनोवेशन टेक फेयर’आयोजित करने जा रहा है। जिले के 27 स्कूलों के बच्चे अपने प्रोजेक्ट्स लेकर आएंगे। विद्यार्थी हरमनदीप सिंह और मनजोत प्रीत सिंह ने वाई-फाई से चलने वाली रोबो कार तैयार की है।

इस कार को चलाने के लिए किसी रिमोट की जरूरत नहीं है। मोबाइल फोन ही इसका कंट्रोलर है। कार में लगा छोटा वाई-फाई बोर्ड अपना नेटवर्क बनाता है। मोबाइल को इस नेटवर्क से जोड़ने के पश्चात ऐप या वेब पेज पर दिए गए फॉरवर्ड, बैकवर्ड, लेफ्ट और राइट बटन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

छात्र इसे लगभग 30 से 50 मीटर की दूरी से चला सकते हैं। इसमें लगे ईएसपी-32 बोर्ड को मोबाइल से सिग्नल मिलता है। यह बोर्ड मोटर ड्राइवर को कमांड देता है, जिससे कार के चारों पहिए घूमने लगते हैं। कार में चार डीसी मोटर, एल-298 एन मोटर ड्राइवर और बैटरी पैक लगाया गया है।

इसमें कैमरा लगाने पर मोबाइल पर लाइव वीडियो भी देखा जा सकता है। वहीं, सेंसर लगाने से यह दीवार या दूसरी रुकावट के सामने आने पर खुद रुकने में सक्षम हो सकती है। विद्यार्थियों ने यह प्रोजेक्ट टीचर अरविंदर सिंह, नवजोत सिंह और हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किया है। छात्र गुरनाज कौर और कुशप्रीत सिंह ने चेहरे की पहचान से हाजिरी लगाने वाला सिस्टम तैयार किया है।

इसमें मॉनिटर के नीचे पीआई कैमरा लगाया गया है। जैसे ही कोई विद्यार्थी कैमरे के सामने आता है, सिस्टम 2 से 3 सेकंड में उसका चेहरा पहचानकर स्क्रीन पर नाम दिखा देता है। इसके पश्चात उसकी हाजिरी तारीख और वक्त के साथ अपने आप एक्सेल शीट में दर्ज हो जाती है। इस सिस्टम से किसी दूसरे विद्यार्थी की जगह हाजिरी लगाना मुश्किल होगा।

साथ ही रोजाना रोल नंबर बोलकर या रजिस्टर में हस्ताक्षर करवाकर हाजिरी लगाने में लगने वाला समय भी बचेगा। अध्यापक एक क्लिक पर पूरे महीने की हाजिरी का रिकॉर्ड देख सकेंगे। यह तकनीक स्कूलों के अलावा कॉलेज, ऑफिस और फैक्ट्रियों में भी उपयोगी हो सकती है।इसमें दूसरे विद्यार्थी की जगह हाजिरी लगाने की संभावना कम होगी। रोल कॉल में लगने वाला समय बचेगा। नाम, तारीख और वक्त का डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा। एक क्लिक पर पूरे महीने की हाजिरी की रिपोर्ट मिलेगी।

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