पिछले 5 सालों से खस्ताहाल और गड्डों से भरी सड़कों का सामना कर रहे पठानकोट शहरवासियों का इंतजार बढ़ गया है। पंजाब सरकार द्वारा 50 फीसदी 'स्पेशल असिस्टेंट फंड' जारी करने के पश्चात फंड नहीं भेजा। अब फंड नहीं मिलने से नगर में अधूरी पड़ी सड़कों का निर्माण का

हालांकि, ठेकेदारों की ओर से एडीसी कार्यालय में जमा करवाए गए ढाई करोड़ रुपये के बिलों की अदायगी हो चुकी है। जबकि, अब आगे काम किए जाने के बाद भी बिलों की अदायगी रुकने से ठेकेदारों ने काम रोक दिया है। दिसंबर में जारी हुए टेंडरों का काम 11 महीने से अधूरा है। फंड की अगली किस्त कब आएगी, इसका जवाब निगम अधिकारियों के पास भी नहीं है।

इससे ये स्पष्ट है कि लोगों को आने वाले कुछ महीने सड़कों पर हिचकोले खाने पड़ेंगे। हालांकि, नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि नगर में 22 किलोमीटर लंबी 11 सड़कों का निर्माण कार्य दिसंबर के दूसरे पखवाड़े तक पूरा कर लिया जाएगा।

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11 महीने पहले दिसंबर 2025 में जारी किए थे टेंडर

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शहर निगम द्वारा 44.70 किलोमीटर लंबी लुक (तारकोल) से बनने वाली 19 सड़कों, 1.1 किलोमीटर और 2.8 किलोमीटर लंबी 2 कंक्रीट सड़कों के निर्माण के लिए 8 करोड़ 41 लाख 65 हजार रुपये के टेंडर दिसंबर में कॉल किए गए थे, जो जनवरी में पास हुए थे। स्पेशल असिस्टेंट फंड के तहत 31 मार्च से पहले काम पूरा होना था, लेकिन वक्त पर फंड जारी न होने और उसके पश्चात मानसून की वर्षा प्रारंभ हो जाने की वजह से ठेकेदारों ने काम रोक दिया था।

इसमें वार्ड नंबर 46 में रघुनाथ कॉलोनी मेन रोड (2.5 किमी), भरोली खुर्द मेन रोड (1.5 किमी), बड़ोहलपुर रोड पर काम रुक गया था। अब सरकार द्वारा स्पेशल असिस्टेंट फंड की राशि जारी करने के पश्चात निगम ने अक्तूबर में दोबारा काम प्रारंभ करवा दिया। मगर, अब एक बार फिर फंड रुक जाने से ठेकेदारों ने काम रोक दिया है।

खजाना दफ्तर से सीधे ठेकेदारों के खाते में होगी पेमेंट: एक्सईएन

एक्सईएन परमजोत सिंह ने बताया कि स्पेशल असिस्टेंट फंड के तहत होने वाले कार्यों के भुगतान हेतु सरकार ने नवीन पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। अब फंड सीधे खजाना दफ्तर में आएगा, जहां से बिलों की क्लियरेंस के पश्चात ठेकेदारों के बैंक खातों में सीधा भुगतान किया जाएगा। सरकार से फंड जारी होने की सूचना मिलते ही ठेकेदारों को काम पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं और दिसंबर तक सभी काम पूरे होने की पूरी अपेक्षा है।

भुगतान की नवीन व्यवस्था से ठेकेदारों की बढ़ी भागदौड़

निगम द्वारा लागू नई भुगतान प्रक्रिया से ठेकेदारों में थोड़ा रोष देखने को मिल रहा है। पहले बिल केवल शहर निगम में जमा होते थे और वहीं से ठेकेदार को भुगतान हो जाता था। लेकिन नवीन व्यवस्था के तहत:ठेकेदार को किए गए निर्माण कार्य की फोटो अटैच करके बिल शहर निगम में जमा कराना होगा। नगर निगम बिल की छानबीन कर इसे एडीसी दफ्तर भेजेगा। एडीसी दफ्तर से मंजूरी मिलने के पश्चात फाइल खजाना दफ्तर पहुंचेगी, जहां से ठेकेदार के खाते में पैसे ट्रांसफर होंगे। ठेकेदारों का कहना है कि एक ही बिल पास कराने हेतु अब उन्हें तीन अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

नगर निगम करवा रहा है इन प्रमुख सड़कों का निर्माण

निगम द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों का निर्माण व सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। लुक (तारकोल) से बनने वाली सड़कों में आदर्श कॉलोनी मेन रोड (2 किमी), वार्ड नं. 38 में न्यू ब्रह्माशैल खूरिया का रोड (800 मीटर), शेरे डुग्गर रोड (4 किमी), वार्ड नं. 19 की सैली कुलियां वाली गली (700 मीटर), बहादुर लाहड़ी फिरनी (4 किमी), छोटा दौलतपुर मेन रोड (3.8 किमी), अबरोल शहर फिरनी (4 किमी), एनएचपीसी रेस्ट हाउस रोड (700 मीटर), स्विमिंग पूल से मिशन रोड तक (1.2 किमी), वार्ड नं. 46 में भरोली कलां फिरनी रोड (3.5 किमी), सरना से एडीसी ऑफिस रोड (1.16 किमी), वार्ड नं. 46 में रघुनाथ कॉलोनी मेन रोड (2.5 किमी), भरोली खुर्द मेन रोड (1.5 किमी), जमालपुर से किला रोड (2.3 किमी), नेशनल हाईवे से बड़ोहलपुर तक रोड (2 किमी), अबरोल शहर से आनंदपुर रड़ा रोड (4 किमी), वार्ड नं. 12 में राधा स्वामी भवन के पीछे रोड (400 मीटर), इंदिरा कॉलोनी गेट से जीरो नंबर गली तक (2 किमी) शामिल हैं।

जबकि, कंक्रीट व इंटरलॉकिंग टाइल से बनने वाली सड़कों में न्यू म्यूनिसिपल कॉलोनी की रोड (1.1 किमी - कंक्रीट), वार्ड नं. 19 में न्यू म्यूनिसिपल कॉलोनी की रोड (700 मीटर - इंटरलॉकिंग टाइल) और सुनियारा कॉलोनी की रोड (700 मीटर - इंटरलॉकिंग टाइल) सड़कों का काम करवाया जाना है।

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