- Hindi News
- Local
- Punjab
- Bathinda
- Bathinda Diwali 2026 | Green Crackers Timing & Police Security Alert
बठिंडा में दिवाली के त्योहार को देखते हुए जिले में लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सिविल सर्जन डॉ. तपिंदरजोत ने जिले के लोगों से प्रदूषण रहित और ग्रीन दिवाली मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पटाखो
पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेगी नजर दिवाली के बीच बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अहम रहेगी। खरीदारी हेतु लोगों की आवाजाही बढ़ने की वजह से ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की आशंका रहती है। किसी भी आपात हालत, दुर्घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायत हेतु पुलिस की राष्ट्रीय इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर संपर्क किया जा सकता है। बठिंडा में दिवाली हेतु अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, विशेष नाकों और गश्त बढ़ेगी गई है।
दमकल महकमा का इमरजेंसी नंबर जारी दिवाली पर पटाखों और बिजली की सजावट की वजह से आग लगने की घटनाओं का खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को घरों और दुकानों में बिजली के तारों एवं अस्थायी सजावट का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। फायर ब्रिगेड का इमरजेंसी नंबर 101,स्टेशन का नंबर 0164-2255101 व नंबर 98720-67260 पर संपर्क किया जा सकता है। दमकल महकमा की अतिरिक्त ड्यूटी और गाड़ियों की तैनाती की गई है।
सिविल चिकित्सालय में 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा दिवाली के दौरान पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने, सांस लेने में समस्या और अन्य दुर्घटनाओं की स्थिति में लोग शहीद भाई मणि सिंह जिला अस्पताल पहुंच सकते हैं। अस्पताल 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में जनरल सर्जरी, मेडिसिन, हड्डियों, आंखों और अन्य विभागों की सुविधाएं हैं। इसके अतिरिक्त ब्लड बैंक भी 24 घंटे काम करता है। अस्पताल का संपर्क नंबर 0164-2212221 और इमरजेंसी हेल्पलाइन 104 है। एंबुलेंस हेतु 108 पर संपर्क किया जा सकता है।
बच्चों को अकेले पटाखे न चलाने दें सिविल सर्जन डॉ. तपिंदरजोत ने बताया कि बच्चे पटाखे हमेशा बड़ों की निगरानी में चलाएं। पटाखे हाथ में पकड़कर न जलाएं और पास में पानी से भरी बाल्टी रखें। रेशमी और ढीले कपड़ों के बजाय सूती कपड़े पहनें। अधजले पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें। आंख में चोट लगने पर उसे रगड़ने के बजाय फौरन विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दमा और दिल के मरीजों को पटाखों के धुएं से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही घरों की सफाई के बीच गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, प्लास्टिक का उचित निपटारा करने और पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।







