सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूल स्तर से ही अपना बिजनेस खड़ा करना और उसे चलाना सीखेंगे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) ने सत्र 2026-27 के पाठ्यक्रम में 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों हेतु ''एंटरप्रेन्योरशिप'' विषय को शामिल किया है। इस कोर्स का मुख्य मकसद विद्यार्थियों को केवल नौकरी मांगने वाला बनाने के बजाय नौकरी देने वाला (उद्यमी) बनाना है।

इस विषय के जरिए विद्यार्थियों को बिजनेस आइडिया तैयार करने, मार्केट की जरूरत समझने, प्रोडक्ट का प्रोटोटाइप बनाने और ग्राहकों तक अपना सामान बेचने की पूरी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। मूल्यांकन में केवल टीचर ही नहीं, बल्कि सहपाठियों और खुद छात्र के अपने आकलन को भी शामिल किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों में प्रॉब्लम सॉल्विंग, टीमवर्क और सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट की क्षमता विकसित होगी।

11वीं कक्षा के छात्रों को बिजनेस आरंभ करने के मूल सिद्धांत सिखाए जाएंगे। इसमें व्यापार के तरह, फंड जुटाने के रास्ते और छोटे व्यवसायों की बारीकियां शामिल हैं। विद्यार्थी खुद मार्केट में जाकर सर्वे करेंगे, ग्राहकों की जरूरत समझेंगे और प्रतिद्वंद्वियों के प्रोडक्ट्स का विश्लेषण करेंगे। इसके अलावा छात्र अपने आइडिया के आधार पर प्रोडक्ट या सर्विस का प्रोटोटाइप बनाएंगे। इसके पश्चात स्कूल या कम्युनिटी लेवल पर लगने वाले बिजनेस मेले में इन प्रोडक्ट्स को खुद बेचकर सीधे ग्राहकों से फीडबैक हासिल करेंगे।

विज्ञापनIn-Article Banner

वहीं, 12वीं कक्षा में विद्यार्थियों को बिजनेस मैनेजमेंट की गहरी समझ दी जाएगी। इसमें बिजनेस की प्लानिंग, कर्मियों की जिम्मेदारी तय करना,फाइनेंशियल मैनेजमेंट, कारोबार हेतु कानूनी औपचारिकताएं । बिजनेस बढ़ाने हेतु सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस विषय का कुल मूल्यांकन 50 अंकों का है। थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल वर्क को ज्यादा तवज्जो दी है। 10 अंक: थ्योरी परीक्षा के। 40 अंक: प्रोजेक्ट वर्क, मार्केट सर्वे, प्रोडक्ट मेकिंग और प्रैक्टिकल एक्टिविटीज के।

अधूरा नहीं! पढ़िए पूरा! पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर ऐप पर